Viklang Sahara Samiti

Trust the Ability of the Persons with Disabilities
VIKLANG SAHARA SAMITI DELHI

Annual Reports

Annual Reports 2023-24

इस वार्षिक रिपोर्ट के साथ, हम आपको कुछ कार्यक्रमों की झलक देने की कोशिश कर रहे हैं आप अपने को जैसा सोचेंगे, आप वैसे ही बन जायग। यदि आप स्वयं को कमजोर मानते हैं तो आप कमजोर ही होंग।और यदि आप स्वयं को मजबूत सोचे हैं तो आप मजबूत हो जायेंगे, केवल उन्ही का जीवन, जो दुसरो के लिए जीते है। कपिल कुमार अग्रवाल……

Annual Reports 2022-23

इस वार्षिक रिपोर्ट के साथ, हम आपको कुछ कार्यक्रमों की झलक देने की कोशिश कर रहे हैं आप अपने को जैसा सोचेंगे, आप वैसे ही बन जायग। यदि आप स्वयं को कमजोर मानते हैं तो आप कमजोर ही होंग।और यदि आप स्वयं को मजबूत सोचे हैं तो आप मजबूत हो जायेंगे, केवल उन्ही का जीवन, जो दुसरो के लिए जीते है।
कपिल कुमार अग्रवाल……

Annual Reports 2021-22

महासचिव…..
पिछले साल ऐसा रहा जैसा हममे से कोई सोच ही नहीं सकता हैं पिछले साल पूरा पूरा देश एक ऐसे महामारी से लड़ रहा था। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है। जिसको इस महामारी के प्रकोप से किसी के जीवन को छुआ न ह। ऐसे महामारी के चलते सभी का जीवन बदल गया है। लेकिन इसने एक सामूहिकता को भी जगाया हैं लोगो मैं जिम्मेदारी की भावना आयी हैं।
बन्टी सौलंकी……..

Annual Reports 2020-21

महासचिव….. जन्म से मृत्यु तक एक संघर्ष है. साहसी व्यक्ति इसका सामना मुस्कुरा कर करते है. कभी गिरोगे तो खुद उठ भी जाओगे, कभी लड़खड़ाओगे तो खुद ही सम्भल भी जाओगे, जब तुम थामोगे हौसलों का दामन तो, एक दिन शिखर पर तुम भी चढ़ जाओगे. अपने जीवन की डिक्शनरी से “दिव्यांग” और “विकलांग” शब्द निकाल दे। विकलांग को दिव्यांग कहते है. विकलांग शब्द कमजोरी को दर्शाता है जबकि दिव्यांग एक सकारात्मक शब्द है. इसलिए विकलांग की जगह दिव्यांग का हमेशा प्रयोग करें। बन्टी सौलंकी……..

Annual Reports 2019-20

पिछले साल वापस देखकर, मेरे पास आने वाली कई अद्भुत घटनाएं हैं ध्यान रखें कि उन सभी को बताना मुश्किल है। इस वार्षिक रिपोर्ट के साथ, हम आपको कुछ कार्यक्रमों की झलक देने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा प्रयास एक ऐसी दिशा को तैयार करना हैं जिसमें सभी क्षेत्रों में, हमारे छात्र मूल्यों और समृद्धि सीख सकें अलग-अलग लोगों के साथ एकजुटता हो। मैं साझा करना चाहता हूं आपके साथ बच्चों, स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के साथ मुझे लगता है कि कई बार जब कई लोग भविष्य के बारे में चिंतित हैं, तो ऐसा ही है वर्तमान में किसी के दिमाग और दिल पर ध्यान केंद्रित करना और प्रयास करना की दैनिक जीवन में क्या महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि आपके साथ यहां साझा की गई तस्वीरें आपको इस प्रकार का थोड़ा सा महसूस करने दे सकती हैं। हम अपने पिछले साल की गतिविधियों के परिणामों को साझा करने और कुछ नई उपलब्धियों के बारे में सूचित करने के लिए यहां हैं। महान संतुष्टि और खुशी की भावना के साथ, हम वापस देख सकते हैं कि कितने बच्चे और युवा हैं हमारी सेवाओं से लाभान्वित है, सकारात्मक रूप से उन दोनों और उनके परिवारों को प्रभावित करता है। यहाँ, मैं चाहूंगा हमारे पिछले वर्ष से कुछ सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों और उपलब्धियों पर जोर देने के लिए। कपिल कुमार अग्रवाल……

Annual Reports 2018-19

गत वर्षो की तुलना में ये वर्ष संस्था के लिए काफी नई विषेशताएं ले कर आया है क्योंकि संस्था को टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिडेट के माध्यम से व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र चलाने हेतु एन-ब्लाॅक, सब-स्टेशन बिल्डिंग, मंगोलपुरी दिल्ली, में दिया गया साथ ही साथ उसे चलाने हेतु आर्थिक मदद् भी दी गई जिससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संस्था ज्यादा से ज्यादा सुविधाऐं दे पाएगी एवं पं0 दिन दयाल उपाध्याय विकंलाग जन संस्थान से निशक्तजनों को कौशल विकास प्रशिक्षण देने का कार्य हेतु पुनः 400 निशक्तजनों को कौशल प्रशिक्षण देने का कार्य मिला जिसको संस्था ने सफलतापूर्वक किया। साथ ही साथ नैशनल ट्रस्ट के माध्यम से संस्था को दिशा योजना व विकास योजना के माध्यम से मंद बुद्धि बच्चों के हेतु योजना के साथ जोड़ा गया। साथ ही साथ संस्था ने अपने दानकर्ताओं की मदद् से मंदबुद्धि बच्चों के लिए अर्ली इंटरवेंशन स्कूल क्व्छ।त् की मदद् से एफ-जी ब्लाॅक बरातघर में संचालित किया। जिससे संस्था ज्यादा से ज्यादा निशक्तजनों को इस स्कूल की मदद् से फायदा पहुचा सके।

Annual Reports 2017-18

पिछले साल वापस देखकर, मेरे पास आने वाली कई अद्भुत घटनाएं हैं ध्यान रखें कि उन सभी को बताना मुश्किल है। इस वार्षिक रिपोर्ट के साथ, हम आपको कुछ झलक देने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा प्रयास शामिल करने की दिशा में तैयार हैं सभी क्षेत्रों में, ताकि हमारे छात्र मूल्यों और समृद्धि सीख सकें अलग-अलग लोगों के साथ एकजुटता। मेरे लिए, मैं साझा करना चाहता हूं आपके साथ बच्चों, स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के साथ मुझे लगता है कि कई बार जब कई लोग भविष्य के बारे में चिंतित हैं, तो ऐसा ही है वर्तमान में किसी के दिमाग और दिल पर ध्यान केंद्रित करने और स्टॉक लेने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है दैनिक जीवन की सरल खुशी। मुझे उम्मीद है कि आपके साथ यहां साझा की गई तस्वीरें आपको इस प्रकार का थोड़ा सा महसूस करने दे सकती हैं सरल जोय की चिंता या चिंता के हमारे क्षणों को संतुलित कर सकते हैं। हम अपने पिछले साल की गतिविधियों के परिणामों को साझा करने और कुछ नई उपलब्धियों के बारे में सूचित करने के लिए यहां हैं।

Annual Reports 2016-17

गत वर्षो की तुलना में यह वर्ष संस्था के लिए के लिए काफी नई विशेषताएं ले कर आया है क्योकि इसमें संस्था ने सफलता की ओर अग्रसर होते हुए सामाजिक कार्यो में और ज्यादा प्रसन्नता प्राप्त करते हुए 18 वर्ष पूर्ण किए है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड, दिल्ली सरकार द्वारा संस्था को पहाड़गंज मुल्तानी ढ़ाडा दिल्ली में एक रैन बसेरा चलाने हेतु दिया गया। संस्था को एनडीपीएल के माध्यम से विकलंाग मार्ग दर्शन चलाने हेतु आर्थिक मदद् की गई जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को संस्था ज्यादा से ज्यादा सुविधाऐं दे पाएगी। एवं इस वर्ष सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि संस्था को संत कौर मेमोरियाल ट्रस्ट द्वारा विकलंाग व्यक्तियों को स्वरोजगार में मदद् करने हेतु सहयोग मिला जिसमें बहुत से विकलंाग लोगों की मदद् संस्था द्वारा कि गई। संस्था ने इस वर्ष अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के संदेश दिया कि हर व्यक्ति हर किसी कार्य को कर सकता है जैसे:-हर व्यक्ति का चीजों को देखने का अपना एक अलग नजरिया होता है, जो सभी को सही या गलत सोचने पर मजबूर करता है।

Annual Reports 2015-16

संस्था की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए गौरवान्वित हूँ। ये वर्ष अपनी सीख को बाँटने और उसका विस्तार करने वाला वर्ष रहा। विगत वर्षाें में विकलंाग सहारा समिति दिल्ली ने युवाओ, महिलाओं और दिव्यांगज बच्चो के मुद्धो पर काम करते हुए जो भी समझ विकसित की है, उन्हें आगे ले जाना और अपने साथियों के काम के साथ जोड़ते हए उसका विस्तार करना इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्ा विकलंाग सहारा समिति दिल्ली का मुख्य कोर विषय रहा है। हमें गर्व होता है- जब अनेक साथी संस्थाए और एजेंसीज अपने काम में इस मुद्े को शामिल करने के लिए अपनी समझ को बढ़ाना चाहती हैं और इस के लिए वे हमें आमंत्रित करती हैं। इस विषय पर खुल कर बात करने के लिए अभी भी चुप्पी तोड़ो और बात करो जैसे अभियान की प्रासंगिकता बरक़रार है। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी हमने विकलंाग सहारा समिति दिल्ली के अनुभवों को राष्ट्रीय और अंतरासष्ट्रीय मचं पर भी रखा जहाँ हमें अपने काम को मान्यता दिलाने का अवसर मिला। साल दर साल काम बढ़ने के साथ युवा बच्चों व महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है।

Annual Reports 2014-15

गत वर्षो की तुलना में यह वर्ष संस्था के लिए के लिए काफी नई विशेषताएं ले कर आया है क्योकि इसमें संस्था ने सफलता की ओर अग्रसर होते हुए सामाजिक कार्यो में और ज्यादा प्रसन्नता प्राप्त करते हुए 18 वर्ष पूर्ण किए है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड, दिल्ली सरकार द्वारा संस्था को पहाड़गंज मुल्तानी ढ़ाडा दिल्ली में एक रैन बसेरा चलाने हेतु दिया गया। संस्था को एनडीपीएल के माध्यम से विकलंाग मार्ग दर्शन चलाने हेतु आर्थिक मदद् की गई जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को संस्था ज्यादा से ज्यादा सुविधाऐं दे पाएगी। एवं इस वर्ष सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि संस्था को संत कौर मेमोरियाल ट्रस्ट द्वारा विकलंाग व्यक्तियों को स्वरोजगार में मदद् करने हेतु सहयोग मिला जिसमें बहुत से विकलंाग लोगों की मदद् संस्था द्वारा कि गई। संस्था ने इस वर्ष अनेकों कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज के संदेश दिया कि हर व्यक्ति हर किसी कार्य को कर सकता है जैसे:-हर व्यक्ति का चीजों को देखने का अपना एक अलग नजरिया होता है, जो सभी को सही या गलत सोचने पर मजबूर करता है। हमारे समाज में लोग कई मुदों पर काम करे रहे है।